शोध, चिंतन और ज्ञान-सृजन का समर्पित युवा समूह

शोधार्थी दल के सम्मानित सदस्य

रामायण रिसर्च काउंसिल का मानना है कि किसी भी राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना और बौद्धिक समृद्धि का आधार गंभीर अध्ययन, शोध और ज्ञान-सृजन की परंपरा होती है। इसी उद्देश्य से काउंसिल ने विभिन्न विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों एवं विविध विषयों से जुड़े युवा शोधार्थियों, विद्वानों और अध्ययनरत युवाओं को साथ लेकर ‘शोधार्थी दल’ का गठन किया है।

शोधार्थी दल रामायण, भारतीय संस्कृति, सनातन जीवन-मूल्यों, भारतीय ज्ञान परंपरा, दर्शन, साहित्य और समकालीन सामाजिक विषयों पर अध्ययन, अनुसंधान, दस्तावेजीकरण एवं विमर्श की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाता है। यह दल शोध, लेखन, संगोष्ठियों, प्रकाशनों तथा सांस्कृतिक परियोजनाओं के माध्यम से भारतीय चिंतन परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सतत प्रयास कर रहा है।

श्री विनीत पाण्डेय जी

शोधार्थी, रामायण रिसर्च काउंसिल शोधार्थी, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय

डॉ. अवधेश कुमार जी

शोधार्थी, रामायण रिसर्च काउंसिल सहयोगी समन्वयक, इग्नू, नई दिल्ली

श्री आशुतोष तिवारी जी

शोधार्थी, रामायण रिसर्च काउंसिल हिन्दी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय

श्री निरंजन यादव जी

शोधार्थी, रामायण रिसर्च काउंसिल हिंदी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय

आचार्य पंकज अथर्व जी

शोधार्थी, रामायण रिसर्च काउंसिल ज्योतिषाचार्य

श्री मनीष साहू जी

शोधार्थी, रामायण रिसर्च काउंसिल हिंदी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय

सुश्री ज्योति जी

शोधार्थी, रामायण रिसर्च काउंसिल हिंदी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय

श्री शिवांश मिश्र जी

शोधार्थी, रामायण रिसर्च काउंसिल हिंदी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय

सुश्री आयुषी सिंह जी

शोधार्थी, रामायण रिसर्च काउंसिल हिंदी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय

सुश्री खुशी सिंह जी

शोधार्थी, रामायण रिसर्च काउंसिल हिंदी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय

शोधार्थी दल के प्रमुख उद्देश्य

शोधार्थी दल केवल एक शैक्षणिक समूह नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और मूल्यनिष्ठ चिंतन को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक सशक्त अभियान है। इनके अध्ययन, शोध और समर्पण से रामायण रिसर्च काउंसिल के सांस्कृतिक एवं बौद्धिक उद्देश्यों को नई ऊर्जा और दिशा प्राप्त हो रही है।