युवा शक्ति, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण का संकल्प

युवा प्रकोष्ठ के सम्मानित सदस्य

रामायण रिसर्च काउंसिल का दृढ़ विश्वास है कि राष्ट्र की प्रगति और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आधार उसकी युवा शक्ति होती है। इसी उद्देश्य से काउंसिल ने ऊर्जावान, समर्पित, विचारशील और समाजहित के प्रति प्रतिबद्ध युवाओं को साथ लेकर ‘युवा प्रकोष्ठ’ का गठन किया है।

युवा प्रकोष्ठ का उद्देश्य रामायण के आदर्शों, भारतीय संस्कृति, सनातन जीवन-मूल्यों और राष्ट्रचेतना को नई पीढ़ी तक पहुँचाना तथा युवाओं को सेवा, संस्कार, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रेरित करना है। यह प्रकोष्ठ विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षिक, सामाजिक एवं जन-जागरण गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का निरंतर प्रयास करता है।

श्री मनहर भाई जाला जी

सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल पूर्व चेयरमैन, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग, भारत सरकार

श्री चंद्रशेखर मिश्रा जी

कार्यालय प्रभारी, रामायण रिसर्च काउंसिल पूर्व एडिशनल सेक्रेटरी, राज्य सभा

श्री एनके झा जी

सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल पूर्व निदेशक, लोक सभा सचिवालय

साध्वी प्रज्ञा भारती जी

हिन्दू स्कॉलर, संयोजक, सीता सखी समिति समाजसेवी

युवा प्रकोष्ठ के प्रमुख उद्देश्य

युवा प्रकोष्ठ केवल एक संगठनात्मक इकाई नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और राष्ट्रचेतना को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक सशक्त अभियान है। युवाओं की ऊर्जा, नेतृत्व और समर्पण के माध्यम से रामायण रिसर्च काउंसिल सांस्कृतिक पुनर्जागरण और समाज निर्माण के अपने संकल्प को निरंतर आगे बढ़ा रही है।