विचार, अनुभव और मार्गदर्शन का सशक्त संगम

सलाहकार मंडल

रामायण रिसर्च काउंसिल का विश्वास है कि किसी भी सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय अभियान की सफलता दूरदर्शी चिंतन, विद्वत्पूर्ण मार्गदर्शन और सामूहिक सहभागिता पर आधारित होती है। इसी उद्देश्य से काउंसिल ने विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी विद्वानों, शिक्षाविदों, प्रशासनिक विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, साहित्यकारों, समाजसेवियों एवं प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को साथ लेकर ‘सलाहकार मंडल’ का गठन किया है।

सलाहकार मंडल काउंसिल की विभिन्न योजनाओं, शोध परियोजनाओं, सांस्कृतिक अभियानों, प्रकाशन कार्यों और जन-जागरण कार्यक्रमों को वैचारिक दिशा एवं रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करता है। यह मंडल भारतीय संस्कृति, रामायण परंपरा और सनातन मूल्यों को समकालीन संदर्भों में समाज के समक्ष प्रस्तुत करने तथा भावी पीढ़ियों तक प्रभावी रूप से पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अनुभव, ज्ञान और राष्ट्रचिंतन से प्राप्त मार्गदर्शन

रामायण रिसर्च काउंसिल को विभिन्न प्रशासनिक, शैक्षिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों का मार्गदर्शन प्राप्त है। सलाहकार मंडल के सदस्य अपने अनुभव, विशेषज्ञता और दूरदर्शी चिंतन के माध्यम से काउंसिल की योजनाओं, शोध गतिविधियों, सांस्कृतिक अभियानों और जन-जागरण कार्यक्रमों को नई दिशा प्रदान करते हैं।

श्री मनहर भाई जाला जी

सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल पूर्व चेयरमैन, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग, भारत सरकार

श्री चंद्रशेखर मिश्रा जी

कार्यालय प्रभारी, रामायण रिसर्च काउंसिल पूर्व एडिशनल सेक्रेटरी, राज्य सभा

श्री एनके झा जी

सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल पूर्व निदेशक, लोक सभा सचिवालय

साध्वी प्रज्ञा भारती जी

हिन्दू स्कॉलर, संयोजक, सीता सखी समिति समाजसेवी

सलाहकार मंडल के प्रमुख उद्देश्य

सलाहकार मंडल रामायण रिसर्च काउंसिल की वैचारिक शक्ति, ज्ञान-संपदा और दूरदर्शी चिंतन का आधार है। इसके अनुभवी मार्गदर्शन से काउंसिल शोध, संस्कृति, साहित्य और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।