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सन्तसंरक्षकमण्डलम्
संतों के आशीर्वाद से सांस्कृतिक संरक्षण का संकल्प
संत-संरक्षक मंडल
रामायण रिसर्च काउंसिल का यह दृढ़ विश्वास है कि भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और नैतिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन में संत समाज की भूमिका सदैव मार्गदर्शक रही है। हमारे संत केवल धार्मिक आस्था के प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्रचेतना, लोककल्याण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रेरणास्रोत हैं।
इसी भावना के साथ काउंसिल ने विभिन्न परंपराओं, पीठों, आश्रमों और आध्यात्मिक संस्थाओं से जुड़े पूज्य संतों, महात्माओं एवं धर्माचार्यों के मार्गदर्शन में 'संत-संरक्षक मंडल' का गठन किया है। यह मंडल काउंसिल की सांस्कृतिक, शैक्षिक, शोध एवं जन-जागरण गतिविधियों को आध्यात्मिक दिशा, प्रेरणा और संरक्षण प्रदान करता है।
संत-संरक्षक मंडल का उद्देश्य रामायण के आदर्शों, भारतीय ज्ञान परंपरा और सनातन जीवन-मूल्यों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाना तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है। यह मंडल समाज में समरसता, नैतिकता, सेवा और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रेरणा प्रदान करता है।
संतों के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन से सांस्कृतिक संरक्षण का अभियान
रामायण रिसर्च काउंसिल को देश के विभिन्न पीठों, आश्रमों एवं आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े पूज्य संतों एवं धर्माचार्यों का सतत मार्गदर्शन प्राप्त है। संत-संरक्षक मंडल काउंसिल की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, शैक्षिक एवं जन-जागरण गतिविधियों को दिशा, प्रेरणा और संरक्षण प्रदान करता है।
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पूज्य श्री महंत स्वामी ज्ञानदेव सिंह जी महाराज
संरक्षक, रामायण रिसर्च काउंसिल आचार्य महामंडलेश्वर, निर्मली अखाड़ा
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पूज्य महामण्डलेश्वर गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज
संरक्षक, रामायण रिसर्च काउंसिल करनाल, हरियाणा.
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पूज्य स्वामी शारदानन्द सरस्वती जी महाराज
संरक्षक, रामायण रिसर्च काउंसिल विश्व मंगलम सेवा न्यास, वृंदावन (यूपी)
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पूज्य महामंडलेश्वर श्री श्री १००८ श्री महंत विजयदास भैया जी महाराज
संरक्षक, रामायण रिसर्च काउंसिल आश्रम आनन्दधाम (वल्लभगढ़, हरियाणा)
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पूज्य महामण्डलेश्वर स्वामी श्री ईश्वर दास जी महाराज
संरक्षक, रामायण रिसर्च काउंसिल श्रीकृष्णायन देशी गोरक्षा एवं गोलोक धाम सेवा समिति (हरिद्वार)
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श्री महंत आचार्य संगीत कृष्ण सांवरिया बाबा
संरक्षक, रामायण रिसर्च काउंसिल अध्यक्ष, अखिल भारतीय चार संप्रदाय निर्मोहि अग्नि अखाड़ा (यवतमाल, महाराष्ट्र)
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जगतगुरु श्री वैदेहीवल्लभाचार्य जी महाराज
संरक्षक, रामायण रिसर्च काउंसिल जगतगुरु श्री विजयरामरावलाचार्य द्वार पीठाधीश्वर
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पूज्य श्रीजी रमण योगी जी महाराज
मुख्य कार्यकारिणी सदस्य, मध्य प्रदेश महालक्ष्मी उपासक
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श्री श्री 1008 रामचंद्राचार्य परमहंस पूज्य स्वामी आगमानंद जी महाराज
संरक्षक, रामायण रिसर्च काउंसिल श्रीमहाशमशानी उग्रकालिका सिद्ध शक्तिपीठ, नगरह, भागलपुर (बिहार)
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महामंडलेश्वर महंत सच्चिदानंद दास शास्री जी महाराज
संरक्षक, रामायण रिसर्च काउंसिल, वृंदावन संस्थापक अध्यक्ष, श्री गोपाल जी मंदिर सेवा ट्रस्ट
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स्वामी जगन्नाथंद गिरी जी
संरक्षक, रामायण रिसर्च काउंसिल सचिव, भारत सेवाश्रम संघ, भुवनेश्वर, ओड़िशा
संत-संरक्षक मंडल के प्रमुख उद्देश्य
- रामायण एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्रसार हेतु आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करना।
- भारतीय संस्कृति, संस्कार और जीवन-मूल्यों के प्रति जन-जागरण एवं सांस्कृतिक चेतना का विस्तार करना।
- शोध, साहित्य, संगोष्ठियों और सांस्कृतिक अभियानों को आध्यात्मिक संरक्षण एवं दिशा प्रदान करना।
- संत समाज, विद्वानों और जनसामान्य के बीच संवाद एवं सहभागिता को प्रोत्साहित करना।
- युवाओं और भावी पीढ़ियों को भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और चरित्र निर्माण से जोड़ने के लिए प्रेरित करना।
- सीतामढ़ी, श्रीराम-जानकी स्थान तथा अन्य सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं विकास के लिए समाज को संगठित करना।
संत-संरक्षक मंडल रामायण रिसर्च काउंसिल की आध्यात्मिक शक्ति और प्रेरणा का केंद्र है, जिसके आशीर्वाद, मार्गदर्शन और संरक्षण से भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और रामायण की जीवन-दृष्टि को जन-जन तक पहुँचाने का हमारा अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है।
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